Sunday, 7 December 2014

मैंने लोगों को अक्सर सोते हुए देखा है

 मैंने लोगों को अक्सर सोते हुए देखा है

 मैंने लोगों को अक्सर सोते हुए देखा है
कोई तड़प रहा है सड़क पे पर उसकी तरफ अनदेखा करते देखा है
जो चिल्लाये सबसे ज्यादा उसकी बात को सच होते देखा है
लोगों को कोई बात अपने हिसाब से तोड़ते मरोड़ते देखा है
समाज के नाम पे अपनी बात लोगों पे थोपते हुए देखा है
मैंने लोगों को अक्सर सोते हुए देखा है...

स्वरोम

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